ऐतिहासिक भानगढ़ में कलमकार के पांचवें पड़ाव में बही काव्य धारा|Bhangarh travel

मेरी बातें रहें बेशक मैं फना हो जाऊँ…

– ऐतिहासिक भानगढ़ में कलमकार के पांचवें पड़ाव में बही काव्य धारा

 

जयपुर। वरिष्ठ गीतकार लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’ ने जब ऐतिहासिक भानगढ़ के राज रिसोर्ट में कलमकार मंच की ओर से आयोजित काव्य कुंभ में अपना गीत ‘ये तमन्ना है कि मैं हर्फे वफ़ा हो जाऊं, मेरी बातें रहें बेशक मैं फना हो जाऊं…’ सुनाया तो पूरा सभागार उनका गीत सुनकर झूम उठा। इस अवसर पर वरिष्ठ कवि कृष्ण कल्पित ने अपनी मशहूर कविता ‘अच्छे दिन जब आएंगे, गाजे बाजे के साथ आएंगे’, सुनाई। वहीं वरिष्ठ कवि डॉ. सत्यनारायण ने अपनी मशहूर काव्य शृंखला ‘साठ के बाद जीवन’ से चंद कविताएं सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। एक कविता की पंक्तियां कुछ यूं हैं – ‘बचने की कोशिश की उम्रभर/गुनाह होते ही गये/साठ पार भी तुम्हारा नाम/एक गुनाह ही तो है। इस कार्यक्रम में ‘अरे भानगढ़’ कविता सुनाई कवि कैलाश मनहर ने।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान प्रलेस के महासचिव ईशमधु तलवार ने कहा कि कलमकार मंच ने बहुत कम समय में देश में बड़ी हलचल की है। इस अवसर पर कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा ने संस्था के उद्देश्यों, गतिविधियों और आगामी आयोजनों की जानकारी देते हुए सभी आगुन्तकों का स्वागत किया। फिल्म निर्माता-निर्देशक गजेन्द्र एस. श्रोत्रिय ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘कसाई’ के बारे में जानकारी दी।
कलमकार मंच की ओर से साहित्य सृजकों को मंच और सम्मान देने की पहल के तहत देशभर में चल रही साहित्य यात्रा की पांचवी कड़ी में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भानगढ़ में आयोजित ‘काव्य कुंभ’ में जयपुर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, भरतपुर, अलवर, कोटा और दिल्ली के 50 से अधिक साहित्य सृजकों ने अपनी रचनाओं की सुमधुर काव्य धारा प्रवाहित की।
कथाकार उमा, भागचंद गुर्जर, डॉ. जी. सी. बागड़ी, ज्योत्सना सक्सेना, पुष्पा गोस्वामी, संगीता व्यास, सुनीता बिश्नोलिया, शैलेश सोनी ‘चिरंजीवी’, सुजीत गौड़, चित्रा भारद्वाज, प्रज्ञा श्रीवास्तव, महेश कुमार शर्मा, मीनाक्षी माथुर, नीरा जैन, कविता मुखर, सुन्दर भावनानी, सूरज शर्मा ‘अविराम’, कैलाश भारद्वाज ‘कैलास’, स्मिता शुक्ला, नरेश प्रजापत, कल्पना गोयल, पूजा पवन कुमार, नूतन गुप्ता और राजेश कमाल ने अपनी रचनाओं से संपूर्ण माहौल को काव्यमय बना दिया।
कार्यक्रम संयोजक विजय राही के अलावा इस अवसर पर अमर सिंह ’अमर’, राजू धीरोड़ा, दिनेश झिरी, नवल घुणावत, रानू गोठवाल, कृष्ण कुमार सैनी, अनुराग प्रेमी और रामसिंह राणौली ने भी रचना पाठ किया। अंत में साहित्य यात्रा के राष्ट्रीय प्रभारी रमेश शर्मा ने सभी आगुन्तकों का आभार व्यक्त किया।

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