नेताजी आप ग्रेट हो।|Hindi Article political

                                                                नेताजी आप ग्रेट हो।

।लंबे लंबे भाषण देते सच से इनका कोई वास्ता नही होता।योग्य तो अपने को बहुत समझते।सफेद वर्दी पहनते मगर होते दाग दार है।बाहर से बहुत सीधे सरल लागे अंदर से बहुत शातिर होते है।चापलूसी करने में इनका कोई जवाब नही।शक्ल से भोले भाले अंदर से पूरे गुनाहगार। घोटाले ओर घपले करने में नंबर वन। बड़े रससुखदार से लागे कोई दबा दे इनको ऐसी किसी की मजाल कहा । कोई न कोई केस में फसे रहते है ये इनकी वैल्यू  तो बहुत हैं।हा नेता लोग तुम सब के मन को मोहते हो लुभाते  हो तुम्हारी खासियत है ये तो। चमचो की भलाई ही  करते नजर आते हो ।अत्याचार करने में  तुम्हारा कोई सानी नही।नेता तुम्हें प्रणाम तुम विधाता अन्यायी के वाह तुम्हारे क्या कहने    सत्ता के लालच में तुम क्या नहीं करते।झगड़े तो तुम कभी कभार करवा ही देते हो सच को झूठ में बदलना तुम्हे बखूबी आता हैं।
जुल्म करने में माहिर हो अपने दोषों को छुपाने में माहिर हो। अत्याचारी  हो तुम भष्टाचारी हो तुम। वाह आज के नेताओ ओर राजनीति का क्या कहना।तुम्हारे पाप जनता सहती हैं बहुर्त महान हो तुम। जिससे लेते  हो फिर कभी नही उसे देते तुम तुम्हारा उसूल हैं ये । ऐसे ही होते नेता चुनाव के बाद जनता को पहुचाते गहरी चोट मंहगाई बढ़ती जा रही है नेता लोग जनता के पसीने की गहराई कमाई खाकर हो रहे है पहलवान
वाह भारतीय नेता बड़े  महान हैं एक।मिसाल कायम कर रहे हैं।उन्होंने चारो तरफ अपना मायाजाल फैला रखा है। उनका कोई भी बाल बाका नहीं कर सकता। भारतीय राजनीति एक गहरा कुवा हैं सारी अच्छाइया हो जाती हैं धुंआ ।कुछ नेता कमीशन खा रहे हैं कुछ पाँचो उंगलिया घी में भीगो रहे है: जनता है तो नेता है ।घोटाले है तो नेता है दबदबा है तो नेता है।घोटाले है तो घोटाले करने वाले है घोटाले करने वाले है तो धंदा काला करने वाले है।  समाचार है तो नेता है नेता है तो मीडिया है।
जनता है तो वोट है वोट है तो चुनाव है अपराध है तो नेता है। कभी मीडिया या अपराध की बात होती है तो हमको तेरी याद आती है।बगावत करो और कुर्सी पाओ ।फेयर गेम है इस हाथ लेना उस हाथ देना नेताओ का यही उसूल है।: नेता लोग भली भांति जानते है कि राजनीति की दुकान  चमकाने जे लिए क्या पैतरे आजमाए जा सकते है।जिसे गलती से एक मौका मिल गया इसका खुद का ही नही सात पुश्तो का जीवन धन्य हो गया।
 आज तो सभी मे नेता बनने की होड़ मची हुई हैं सब यहाँ आकर कुछ नया जुगाड़ करना चाहते है बस नेता बनने के लिए थोड़े से गुण जरूर होने चाहिए मौकापरस्त छल बल कपट बेशर्मी ये सारे गुण एक नेता में जरूर होने चाहिए।धन के बल पर ही नेताओ के चमचे पालते है।धन के बल पर ही वोटर चलते है और विरोधियों को पाले में करने का ये सबसे बड़ा गुण है।जो व्यक्ति एक बार नेता बन गया उसके पास धन का अंबार लग गया।मौका परस्त होना नेता का प्रमुख गन है। मांग पड़ने पर गधे को भी बाप बनाते है ये नेता। जिसको भीतरघात करना आता वो जिंदगी में उतनी ही उन्नति करता जाता। बेशर्म इतने कि धर्म जाति पर राजनीति करना बखूबी जानते है। सच को झूठ तो ये पल में ही  बनाते ।
neera jain

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