पर्यावरण सुरक्षा|जल संरक्षण जल जीवन का आधार है

                               जल  संरक्षण

जल जीवन का आधार है। इसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
 ईश्वर द्वारा प्रदत्त अनमोल धरोहरों में से जल एक है। जो प्रकृति ने हमें प्रदान किया है और वह भी निशुल्क, पर हम मानव की प्रकृति ही ऐसी होती है। कि जो चीज निशुल्क अर्थात मुफ्त में मिलती है उसकी कोई अहमियत नहीं होती है। इसलिए जलसंकट पैदा हो गया है। मानव ने अपने कार्यों से रहन-सहन से अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए अनेक ऐसे अविष्कार किए हैं। जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहा है। जिससे ईश्वर द्वारा प्रदत्त इन अनमोल धरोहरों पर भी संकट गहरा गया है। आज हवा प्रदूषित हो गई है। जल प्रदूषित हो गया है ।और धरा भी प्रदूषित हो गई है।
अधिकतर कुएं तालाब नहरें आदि सूख गई हैं। नदियों का जलस्तर भी घट गया है और वह प्रदूषित हो गई हैं।
जल का संकट विश्व पर मंडराने लगा है ।विश्लेषकों का कहना है कि अगला विश्व युद्ध अर्थात तृतीय विश्व युद्ध किसी सत्ता ,ताकत ,जमीन या पैसे के लिए नहीं बल्कि पानी के लिए होगा इससे आप अंदाजा लगा ही सकते हैं कि  पानी का कितना बडा संकट उत्पन्न हुआ है। और आज हम इस को भूल कर अपने कार्यों के द्वारा इसे नष्ट कर रहे हैं। इसके महत्व को नहीं समझ रहे हैं। पर आज हमें इसके महत्व को समझने की बहुत जरूरत है आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संकट ना हो इसके लिए हमें अभी से कदम उठाने पड़ेंगे अभी जल संकट पैदा  हुआ है पर इस स्थिति में नहीं पहुंचा है ।कि उसे सुधारा ना जा सके अभी हम उसे सुधार सकते हैं। बस हमें सच्चे दिल से इसके प्रयास करने चाहिए। जल के महत्व को समझना चाहिए ।हमें जल की बचत करनी चाहिए।
हमें अधिक से अधिक पेड़, पौधों को लगाना चाहिए क्योंकि पेड़ पौधे होने से बारिश अच्छी होती है और पृथ्वी पर जल का स्तर बना रहता है. ।
दैनिक कार्यों में उपयोग होने वाले पानी को भी सावधानी पूर्वक उपयोग करना चाहिए और अनावश्यक बहने से बचाना चाहिए।
नदियों तालाबों में भी अनावश्यक कचरा डालकर उन्हें प्रदूषित नहीं करना चाहिए। बल्कि उन्हें साफ सफाई के द्वारा प्रदूषण मुक्त करना चाहिए।
वर्षा के जल का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए ।तथा  उसे बहने से बचाना चाहिए और संरक्षित भी रखना चाहिए। ताकि धरती का जल-स्तर बना रहे।
फैक्ट्रियों और कल कारखानों से निकले प्रदूषित पदार्थों को नदियों आदि में नहीं मिलने देना चाहिए ।जिससे नदी का पानी प्रदूषण मुक्त रहे।
इन कार्यो के द्वारा हम जल का संरक्षण कर सकते हैं।और सभी को करने के लिए प्रेरित भी कर सकते हैं।छोटी छोटी कोशिशों से ही बडी सफलता मिलती है।इसलिए सभी को अपनी तरफ से हर संभव कोशिश करना चाहिए जल संरक्षण की।
जल के महत्व को पहचानो
 जल ही   जीवन   है।
  इस सत्य को न भूलो।
neera jain

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