बस ये ही हैं प्यार |Hindi Poem प्यार हैं ख़ुशी कब मिल जाये

बस ये ही हैं प्यार           

बस ये ही हैं प्यार 

प्यार हैं ख़ुशी कब मिल जाये 

प्यार हैं बरख

कब बरस जाये 
प्यार हैं ठंडक 
मन को कब शीतल कर जाये 
प्यार हैं भरोसा 
कब पा लिया जाये 
प्यार हैं गर्मी न जाने कब 
रंगो में ऊष्मा भर जाये 
प्यार हैं मुस्कान 
न जाने कब होठो पर खिल जाये। 
प्यार हैं एक अहसाँस 
न जाने मन को कब छू जाये 
प्यार रंग हैं न जाने 
जीवन  में कब बिखर जाये 
धुप में भी छाव जैसा लगे प्यार 
सर्दी की ओस सा होता प्यार 
पहली बारिश की बून्द सा लगे प्यार 
प्यार खाव्ब सा कब पूरा हो जाये 
बस ये ही हैं प्यार 
बस ये ही हैं प्यार

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