वंदे-मातरम् हिन्दी कविता | Motivational देश भक्ति

वंदे-मातरम्”

वतन की मिट्टी ले हाथ में,
उठाई हमने आज सौगन्ध, 
गान गूँजेगा एक ही राष्ट्र में,
वन्दे-मातरम!वन्दे-मातरम्!!
बैर भाव सब भुला दिये हैँ, 
कंधे से कंधा मिला लिये हैं, 
नई उम्मीदें, नई आशायें, 
नये धुन और नये सरगम,
वन्दे-मातरम्! वन्दे-मातरम्!!
अज्ञानता का कलंक मिटायेंगे, 
पिछड़े भी हम नहीं कहलायेंगे,
कहीं नहीं होगा कोई अभाव,
मिटेगा भूखमरी का दुष्प्रभाव, 
नई परिभाषाएँ लिख रहे हम,
वन्दे -मातरम्! वन्दे-मातरम्!!
ज्ञान-विज्ञान की किरणें फूटेंगी,
संकीर्णता की दीवारें भी टूटेंगी, 
दृष्टि सबकी अब बदल जायेगी, 
राजतन्त्र में भी शुचिता आयेगी, 
राष्ट्र सेवा ही हो सबका धरम, 
वन्दे-मातरम्! वन्देमातरम्!! 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *