साबरी  बंधुओ की शानदार प्रस्तुति शाम ए  मौसिकी कार्यक्रम  में

शकुंतला देवी तलवार की स्मृति में  प्रेसक्लब सभागार में आयोजित “शाम-ए-मौसिकी” कार्यक्रम में साबरी बंधुओं ने कव्वाली के शानदार रंग जमाए।
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शकुंतला देवी तलवार की स्मृति में कल शाम प्रेसक्लब सभागार में आयोजित “शाम-ए-मौसिकी” कार्यक्रम में साबरी बंधुओं ने कव्वाली के शानदार रंग जमाए।
शकुंतला देवी तलवार की स्मृति में कल प्रेसक्लब सभागार में आयोजित “शाम-ए-मौसिकी” कार्यक्रम में साबरी बंधुओं ने कव्वाली के शानदार रंग जमाए। विकल्प नाट्य संगठन और पिंकसिटी प्रेसक्लब की ओर से आयोजित इस साझा प्रस्तुति में देश के मशहूर कव्वाल उस्ताद सईद, फरीद और अमीन साबरी का सम्मान भी किया गया।
मुख्य अतिथि थे विख्यात कवि और राजस्थान प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष ऋतुराज, जिन्होंने कहा कि मौसिकी इबादत का सबसे बड़ा जरिया है और यह माँ की इबादत की शाम है। कृष्ण कल्पित ने  अलवर के दिनों को याद करते हुए कव्वाली की परंपरा पर रोशनी डाली। अलवर से आए पत्रकार मामराज सोनी ने  शकुंतला देवी की पसंद का एक अलीबख्श का ख़याल गाकर सुनाया।
कव्वालों के सम्मान में जिनकी सहभागिता रही उनमें कथाकार चरण सिंह पथिक, कवि प्रेमचंद गांधी, आलोचक राजाराम भादू, शिक्षाविद जीसी बागड़ी, पिंकसिटी प्रेसक्लब के अध्यक्ष राधारमण शर्मा, महासचिव मुकेश चौधरी, विकल्प नाट्य संगठन के संरक्षक मुकुंद अग्रवाल, अध्यक्ष बीडी कृपलानी, उपाध्यक्ष अभय बनर्जी, महासचिव विजय स्वामी, हरिनारायण शर्मा आदि प्रमुख थे। साहित्यकार दुर्गाप्रसाद अग्रवाल और गज़लगो लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’, प्रलेस की मत्वपूर्ण स्तंभ सुनीता चतुर्वेदी, विख्यात लेखक रामानंद राठी, कवि हरीश करमचंदानी, फिल्मकार गजेंद्र एस श्रोत्रिय जैसे साथियों की उपस्थिति उत्साह बढ़ाने वाली।थी

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