सुनो प्रिय – Hindi Poem

हमारे बीच जो सन्नाटा है 

उसे दूर करना मुश्किल है पर 

असंभव नहीं। 

हमारे बीच जो ख़ामोशी है हमारे प्यार का 

सच बया कर रही है। 

कभी सुन सको तो सुनना 

मेरी धड़कन को 

मेरे नयनो से अश्रु बह रहे है,

शायद ये तुमसे कुछ कह रहे हैं। 

जरा खुद मे झांको तो पाओगे ,

मैं हु वहां  पर 

तुम महसूस करोगे मेरा होना। 

इन सांसो में सिर्फ तुम्हारी 

महक हैं। 

तुम्हे चाहा तुम्हे सराहा। 

जिंदगी भर उस वादे को निभाया 

जो  कभी तुमसे किया न था। 

सुनो प्रिय,

हां तुम समझ पाओगे मेरे दर्द को 

मेरी ख़ामोशी को। 

इंतज़ार है टुम्हारा मुझे 

कि लौट आओगे एक दिन,

तुम मेरे पास।

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