स्वादिष्ट अमरूद की सब्जी| Food Recipes in Hindi

स्वादिष्ट अमरूद की सब्जी अमरूद में विटामिन सी  मैग्नीशियम आयरन फोलिक एसिड फाइबर भरपूर मात्रा में होता है जो।पाचन में सहायक है आवश्यक सामग्री दो अमरूद पके हुए आधा कटोरी मटर आधा कटोरी  टमाटर प्यूरी एक बारीक कटी हरी मिर्च एक एक चम्मच गुड़ तिल एक चम्मच जीरा एक चम्मच धनिया पाउडर आधा चम्मच लालमीर्च […]

राजस्थान|| Hindi Article travel राजस्थान की संस्कृति है भारत की सबसे खूबसूरत संस्कृति

राजस्थान|| Hindi Article राजस्थान, भारत के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक है। यहां की संस्कृति दुनिया भर में मशहूर है। राजस्थान की संस्कृति विभिन्न समुदायों और शासकों का योगदान है। आज भी जब कभी राजस्थान का नाम लिया जाए तो हमारी आखों के आगे थार रेगिस्तान, ऊंट की सवारी, घूमर और कालबेलिया नृत्य और […]

हिंदी कविता|Save Girl Child पिता की सांस बेटियां, जीवन की आस बेटियां। हाथों की लकीर बेटियां ऊंचाइयों को छू जातीं बेटियां, हौसला बढ़ा जातीं बेटियां

हिंदी कविता|Save Girl Child Betiyan तो आने वाला सुनहरा कल होती है, उनकी हमेशा इज्जत करनी चाहिए और सम्मान देना चाहिए. आज पुरुष प्रधान समाज होने के बावजूद भी बेटियां पुरुषो के साथ हर छेत्र में कंधे से कंधा मिला कर चल रही है बल्कि उनसे कही ज्यादा अच्छा काम कर रही है.

award | neera jain. व्यक्तित्व सम्मान समारोह साहित्य गतिविधि हिंदी कविता

हिंदी कविता मैंने निचोड़कर दर्द मन को मानो सूखने के खयाल से रस्सी पर डाल दिया है और मन सूख रहा है बचा-खुचा दर्द जब उड़ जायेगा तब फिर पहन लूँगा मैं उसे है बहुत अंधियार अब सूरज निकलना चाहिए जिस तरह से भी हो ये मौसम बदलना चाहिए रोज़ जो चेहरे बदलते है लिबासों […]

Publish Views \ neera jain महिला सशक्तिकरण |Womem Empowerment

महिला सशक्तिकरण में ये ताकत है कि वो समाज और देश में बहुत कुछ बदल सकें। वो समाज में किसी समस्या को पुरुषों से बेहतर ढ़ंग से निपट सकती है। वो देश और परिवार के लिये अधिक जनसंख्या के नुकसान को अच्छी तरह से समझ सकती है। अच्छे पारिवारिक योजना से वो देश और परिवार […]

रिश्तो को    टूटते बिखरते देखा हैं | Hindi Kavita हिंदी कविता 

कहते है  बढ़ने के लिए    बदलना जरुरी हैं    मैंने हर दिन ज़माने को    रंग बदलते देखा हैं  वक्त के साथ जिंन्दगी    को रंग बदलते देखा हैं  स्वार्थ की खातिर रिश्तो को    टूटते बिखरते देखा हैं     पैसो की खातिर ईमान   बदलते देखा हैं   आगे बढ़ने की खातिर अपनों  को छलते  देखा हैं। […]

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