नैतिक मूल्यों  के बिना सफलता के क्या मायने।

बिना नैतिक मूल्यों बिना सदाचार के बगैर हम क्या सफल होने की कल्पना कर सकते हैं ? नहीं हम कही भी सफलता को प्राप्त नहीं कर सकते।
हमारे नैतिक मूल्य हमारी सफलता के मार्ग में कही पर भी बाधा  नहीं पहुँचाते  हैं जीवन में सब लोग आगे बढ़ना कहते हैं कामयाबी पाना चाहते हैं जरूरी भी हैं मगर सफलता पाने के लिए लोग गलत रास्तों से भी होकर सब कुछ थोड़े समय में ही पा लेना चाहते हैं जो बिलकुल सही नहीं हैं।
मानव को सामाजिक प्राणी होने के नाते कुछ सामाजिक मर्यादाओं का पालन करना पड़ता है । समाज की इन मर्यादाओं में सत्य, अहिंसा, परोपविश्व के समस्त गुण सदाचार से निहित हैं ।  हमें मार्ग दिखलाता है । सदाचार आशा और विश्वास का विशाल कोष है । सदाचारी मनुष्य संसार में किसी भी कल्याणकारी वस्तु को प्राप्त कर सकता है । चरित्र ही सदाचार व्यक्ति की शक्ति है ।
किसी भी महान से महान कार्य की सिद्धि बिना नैतिक मूल्यों  और  उत्तम चरित्र के  बिना संभव नहीं । जो वास्तविक सफलता  अच्छे रास्तें से  प्राप्त की जा सकती हैं  उसको   गलत रास्तो  और बिना  नैतिकता  से कभी प्राप्त नहीं किया  जा  सकता है हमेशा ऐसे  लोगो को  बुराई का सामना करना पड़ता हैं।  सदाचार का पालन न करने वाला व्यक्ति समाज में घृणित माना जाता है । ऐसे लोगो की संसार में निन्दा होती है
।और  लोग उनके प्रति नकारात्मक  हो जाते हैं। वह मानसिक रूप से  अवसाद ग्रस्त  भी रहने लगता हैं। जीवन में कामयाबी पाना  जरुरी हैं लेकिन उससे ज्यादा जरुरी हैं हमे हमारे संस्कारो,मर्यादा और नैतिक मूल्यों के साथ खड़े रहना। बिना नैतिक मूल्यों के हम  अपने समाज और अपने राष्ट्र किसी का भी उत्थान नहीं कर सकते  है ।  हम खुद लोगो तक  एक अच्छा सन्देश  नहीं  पंहुचा सकते  बिना इसके  हमारा  जीवन   सुख-शान्ति रहित एवं अपमानजनक होता है । ऐसे लोगों को इस लोक में चैन नहीं मिलता तथा पर लोक में भी सदगति प्राप्त नहीं होती है
।आचार’ शब्द तो इतना महत्त्वपूर्ण है, सहज ही नहीं भुलाया जा सकता । सदाचार आम या जामुन का फल नहीं है जिसे किसी भी वृक्ष से तोड़ लिया जाय अथवा बाजार से खरीद लिया जाये । सदाचार आचरण की वस्तु है, वाणी की नहीं । सदाचार की भाषा मौन है, वह बोलता नहीं । सम्पूर्ण जीवन की आधारशिला विद्यार्थी जीवन है । अत: इस जीवनरूपी नींव को विनम्रता, परोपकार, सच्चरित्रता, सत्यवादिता आदि से पूर्ण  होना चाहिये। 
विनम्रता एवं सच्चरित्र आदि अनेक गुण होते हैं।   हमारी अच्छाई हमारा आचरण लाख बाधाओं  के बाद भी हमे निरतर आगे बढ़ने की ओर प्रेरित करते रहते हैं और इन्ही नैतिक मूल्यों के साथ जीवन में आगे बढ़ते हुए हम  शांति और सुकून को भी  पा लेते हैं यही सबसे बड़ी बात हैं।
neera jain