बचपन

याद आता वो बचपन
नहीं भूल  पाती वो दिन
जिन्दगी तेज गति से
यूँ ही चलती जा रही है।
सोचती हूँ तो याद आता
वो बचपन जो खो गया।।
पापा से जिद्द करना
माँ की ममता की छांव।
दादी से कहानियाँ सुनना
बाबा से झगड़ा हो गया।
वो बचपन जो खो गया।।
नानी  घर छुट्टी बिताना
नाना से मन की करना।
भूलूं पर मैं भूल न पाऊँ
रूठा  और मै  सो  गया।
वो बचपन जो खो  गया।।
गुड़िया एवं खिलौने  मांगना
मिट्टी से  दुनिया बसाना
हां कँहा खो गया वो बचपन
नई ख्वाईशें नए सपने
जो मन को लुभाते
हा बहुत याद आते।