बेटा पढ़ाओ संस्कार सिखाओ

आजकल हम देखते है कि महिलाओं और  लड़कियों के साथ आये दिन दुष्कर्म की घटनाये होती रहती है कड़े   कानून बने होने के बाद भी लड़कियों को सुरक्षित माहौल नही मिल रहा है । सबसे  बड़ा कारण यह है कि हम सिर्फ बेटियों को संस्कारित करने की बात करते है अपने घर मे बेटों को कभी अच्छी सीख और संस्कार नही देते  इसका परिणाम यह होता है कि उन्हें सही गलत की कोई पहचान नही होती और  बाहर  लड़कियों की।कोई सम्मान नही मिलता  संयमित व्यवहार नही होता है। वचपन से  माता पिता की कोई रोक टोक नही होने से उनमें जीवन को गंभीरता से नही लेना आता और वे गलत कर बैठते है और इसके भयंकर परिणाम होते है समाज मे लड़कियों को सही ढंग से ट्रीट नही किया जाता इसलिए यदि परिवार में लड़कियों के साथ  लड़को  को भी संस्कारित किया जाएगा तो समाज मे महिलाओ की स्थिति में परिवर्तन आयेगा बेटियों को संम्मान मिलेगा