बेहतर बनने के लिए सरल

उपाय

बेहतर बनने के लिए सरल उपाय है जो हरकत और बात आप को पसंद नहीं वो हरकत और बात दूसरों से ना करें।
जो आप को पसंद हो वही दूसरों के साथ करें । हमेशा अपनी भावना से जायदा दूसरों की भावनाओं का ख्याल रखिए।
आपको ‘स्वयं आप’ बेहतर बना सकते हो.
सिर्फ सच्ची भूख होनी चाहिए.
MMM
 कभी भी निराशा को अपने ऊपर हावी मत होने देना, परिस्थिति चाहे जैसी भी हो ख़ुद पर से कभी भी विश्वास कम ना होने देना।
फ़िज़िक्स का एक नियम है:
यदि हम दो बोल्स को एक साथ एक ही गति से एक हीं दूरी तय करने के लिए एक ऐसे रास्ते पर छोड़ते है, जिसमें एक रास्ता पूरी तरह से समतल है, जबकि दूसरा रास्ता ऊबड़- खाबड़ है।
क्या आप जानते है? पहले रास्ता तय करने वाली बॉल कौनसा होंगी?
नहीं समतल रास्ते वाली नहीं, बल्कि वह बॉल पहले अपनी मंज़िल तय करेगी जो असमान रास्ते से होते हुए अपनी मंज़िल की तरफ़ बढ़ेगी।
बस जीवन का भी यही फ़ंडा है।
मुसीबतों से घबरा कर नहीं, उनका दिलेरी से सामना करके हम अपनी मंज़िल पर बहुत जल्दी और आसानी से पहुँच सकते है।
बस ख़ुद पर विश्वास करना सीख लेने की ज़रूरत भर होती है।
हकीकत में देखा जाए तो दुनिया के हर इंसान को  अपने कार्य में कार्यरत रहे और निरंतर अपना कार्य करते रहे चाहे परिस्थिति कैसी भी हो । एक दिन ऐसा आएगा कि आपको भी कोई आपकी शक्तियों का भान दिलाएगा और उस दिन आपको पता चलेगा कि आपके भीतर कितने असीमित शक्तियां है ।

ख़ुद स्वतंत्र होईए

दसरों को स्वतंत्र होने दिजिए

किसी के लिए कुछ भी करिए तो दिल से करिए उन्हें खो देने की डर या दुनिया को ये दिखाने के लिए आप कितने अच्छे प्रेमी , पुत्र या पिता हैं नहीं ।
आपको बेहतर बनने का प्रयास करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि आप को और हम सबको भगवान ने बिल्कुल अनूठा बनाया है जिस दिन आप दूसरों के दृष्टिकोण से स्वयं को देखना छोड़ देंगे उस दिन आप को अपने बेहतर होने का एहसास स्वतः हो जाएगा क्योंकि निकालाने वाले तो ताजमहल में भी खोट निकाल देते हैं