रिश्ते हैं अनमोल,इनमे हमेशा प्यार रहे।
प्यार का इतना ही  हो मोल,की विश्वास रहे।
रिश्तों में अगर रखो अकड़, तो टूट जातें हैं ये।
झुक जाने से फलदार और रिश्तों के
आँगन में बहार रहें।
क़रीब भी इतना रहो कीं इसमें प्यार रहें।
दूर इतना रहो की, आने का इंतज़ार रहे।।
रिश्ते हैं अनमोल, इनमे हमेशा प्यार रहे।
उम्मीद से ज़्यादा माँगो,तो
रिश्तों में तकरार रहे।
झूठ की बुनियाद पर तो,रिश्तों में दीवार रहे।।
रखो इतनी समझ और वेदना की रिश्ता बरक़रार रहे।
खिलों गुलाब की तरह की,
काँटों में भी बौहार रहे।
रिश्तें हैं अनमोल, इनमे हमेशा प्यार रहे।।
दिल से जो अपना माने, वो रिश्ता अनमोल रहे।
कभी तो प्रभु के तय किए रिश्ते भी
,अपनो को तोल रहे।
जों ग़लती को मान ले, ऐसे रिश्ते इज़्ज़त से बोल रहें!
रखो संयम व बड़प्पन इतना, की
अपनो में दूलार रहे।
रिश्तें हैं अनमोल,