लघु कथा     सपने
सुनते हैं क्या
अपनी  बिटिया रानी  तो आजकल बड़ी सयानी हो गयी , घर के सारे कामों में मेरा हाथ बंटाती है,  कॉलेज के लिए सुबह उठाना भी नहीं पड़ता, वो लापरवाही से कपडे, बैग , जूते इधर-उधर फेंकना तो महीनों पुरानी बात हो गयी।
और मुझे तो हर वक़्त यही चिंता लगी रहती थी की इतनी बड़ी लड़की को खाने में कुछ भी बनाना नहीं आता , ससुराल में कैसे निभा पाएगी पर चलो अब तो ये चिंता भी दूर हुई।
! ये चखिए, आपकी लाड़ली ने ही बनाया है”
खमण परोसते हुए किरण  एक ही सांस में सब कह गयी ।
“अब आप चुपचाप बस खाते ही रहेंगे या कुछ कहेंगे भी ? मैं तो कहती हूँ अब हमें  उसकी शादी के बारे में सोचना चाहिये ।, वैसे भी कॉलेज का ये आखरी महीना है, पढाई तो पूरी हो ही गयी और ढूंढने में भी तो एक साल का समय लगेगा किरण ने चिंतित होते हुए  ये सब कहा।
अविनाश बस कभी श्रीमती जी की ओर देखते , कभी उनकी लाड़ली के हाथों बनाये गए उस खमण को ,
सुनने ओर खाने की व्यस्तता के बीच पत्नी को बस एक ही जवाब दे पाए “हूँ “सोचूंगा।
“हूँ- हाँ क्या कर रहें हैं , आप कुछ समझ भी रहें हैं मैं क्या कह रही हूँ? कविता शादी के योग्य हो गयी है , अब वो आपकी गुड़िया रानी नहीं रही , बड़ी हो गयी है।”
सहसा अविनाश जी मुस्कुरा उठे।
“लो अब इसमें हंसने की क्या बात है , इन बाप बेटी से तो हारी मैं , कब क्या करते है कुछ समझ नहीं आता कभी मेरी बात पर कोई गौर नही करता इस घर मे किरण शिकायत के लहजे बोली।
“अब मुस्कुराते ही रहोगे या कहोगे कुछ?”
” किरण तुम्हे याद है करीब तीन या चार महीने पहले कविता  ने बैंगलोर में रहके आगे की पढाई करने की इच्छा ज़ाहिर की थी ?”
” याद ही मत दिलाइये उस दिन को,  कितनी बहसबाज़ी हुई थी, आपने भी ज़रा सख्ती नहीं दिखाई थी , वो तो मैंने ही किसी तरह समझाया था ,कितनी मुश्किल से मानी थी वो।”
“मानी नहीं थी चुप हुई थी, जब तुमने उसे ये कहकर डांटा था की आज तक कभी एक गिलास पानी तो लिया नहीं खुदसे वहां अकेले कैसे रहेगी , क्या रोज़ होटल का खाना खायेगी  ?
” हाँ तो मैंने सही ही डांटा था, आखिर कैसे रह पाती वो अकेले ?”
” और अब ? “
“अब …..”
” तो आप बाप बेटी की कारस्तानी है ये?”
” समझने की कोशिश करो  किरण हमारी लाडो योग्य तो हुई है पर शादी के लिए नहीं अभी वो सारी जिम्मेदारियां कैसे निभाएगी।
इस बार किरण के चेहरे पर सुकून और  मुस्कुराहट थी।
” आप कॉलेज का पता कीजिये , मैं कविता से बात करूँगी आगे भविष्य में वो क्या  चाह्ती हैं।उसके सपने क्या हैं
neera jain