शहीद

ये निशाना ये कैसा
अंजाम
कु घरों का सुकूं
हमेशा के लिए चला
गया
आज पड़ोसी देश फिर
खून की होली खेल
गया
अब बदला मांग रहा रंगों
का त्यौहार वो भारतीय
फौजी थे
जो आज शहीद हो गये
आज तो सिर्फ आंखों
में आँसू और मुँह से
 वंदे मातरम
निकल रहा
neera jain