विवाह गीत
शुभ शगुन घड़ियाँ  आई हैं
फूलों ने राह सजाई है…
ख़ुशियों से भर उर आगंन
शहनाई की गूँज सुनाई है।
शुभ शगुन …..
मेहंदी की ख़ुशबू छाई है।
अंगना रौनक़ महकाई है।
सेहरा बाँध के दूल्हे ने
चंदा सी दुल्हन लाई है।
शुभ शगुन…
तारों ने ली अंगड़ाई है।
बाहर बारात सजाई है।
मुखड़ा देख के बन्ने का
बन्नी कैसी शरमाई है।
शुभ शगुन ….
फूलों