सुनो प्रिय

सुनों। प्रिय
इससे पहले कि
मैं टूट जाऊ।
बिखर जाऊ
सहम जाऊ।
समेट लो तुम मुझे
अपनी हथेलियों में।
इससे पहले कि
हमारी राहे एक
दूसरे से जुदा
हो जाये।
क्यूँ न  एक बार हम
फिर संग चले।
बनाले इक अपनी
नई दुनियां।
नये सपने नई हसरतें लिये
फिर से चल पड़े
एक नये सफ़र पर।
इससे पहले कि
बहक जाये मेरे क
राहे वफ़ा से।
तुम आकर थाम लो
मेरा हाथ।