सुनो माँ - Hindi Poem

सुनो माँ 

 हाथो मै  रंग प्यार का लेकर 
तुम्हारी तस्वीर बना रही। 
मन में आशा और उम्मीद के 
नव दीपक जला रही। 
नहीं तुम्हारा कोई सानी 
तुम ममतामयी 
करुणा का भण्डार हो 
तुम जीवन का आधार हो 
तुम्ही हो सच्चा प्यार 
तूलिका हाथ लिए 
बना रही तुम्हारी तस्वीर 
तुम्ही ने सँवारी  मेरी तकदीर 
तुम प्यार हो समर्पण हो 
ममता से परिपूर्ण हो। 
 एक मधुर गीत हो 
तुम्ही ने जगाया मन में आत्मविश्वास 
तुम्ही ने दिखाई सही राह 
तुम हमारा अभिमान। 
तुमसे ही है मेरी पहचान 
तुम्हारे चरणों में स्वर्ग हैं माँ। 
तुम्हारे चरणों में सब न्योछावर माँ 
संस्कारो की वाहक हो 
रिश्तो की मजबूत डोर हैं माँ 
त्याग समर्पण ममता तेरी 
चंद लकीरो में न बना पाऊ। 
माँ तुम्हारे प्यार को 
तस्वीर में कैसे समाउ। 
माँ तुमहारे प्यार को 
तस्वीर में कैसे समाऊ 

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