कविता की डोर राजस्थान की ओर  काव्य गोष्टी

कविता में के भावों को अभिव्यक्त करती है ।कविता एक सवाल खड़ा करती है कवि मन बहुत संवेदनशील होता है वो समाज मे जो भी अच्छाई या बुराई देखता है वो अपनी संवेदनाओं को  कविता के माध्यम से अभिव्यक्त करता है
 कायाकल्प  सहित्यक  संस्थान द्वारा आयोजित काव्य गोष्टी में मुझे भी कविता प्रस्तुत करने का अवसर मिला कायाकल्प सहित्य संस्थान के संस्थापक dr अशोक मधुप जी से मुझे इस  काव्य गोष्ठि में मिलने का अवसर मिला बहुत ही  सरल ऒर हँसमुख व्यक्तिरव है उनका।उनके गीतों ओर ग़ज़लों को सुना उन्हीने बहुत ही खूबसूरत समा बांध दिया ।  जयपुर से करीब 50 रचनाकारों ने अपनी बेहतरीन रचनाये प्रस्तुत की । इस काव्य गोष्टी में dr तूलिका सेठ जो बेहद उम्दा गज़ले लिखती है उनसे मिलने का अवसर मिला बहुत सरल है बहुत सी बातें हूं उनसे गोष्टी में   हिंदी अंग्रेजी ऒर संस्कृत के प्रकांड विद्वान ।कलानाथ शास्त्री ओर लोकेश कुमार साहिल बहुत वरिष्ठ साहित्यकार कवि सभी ने इस आयोजन में शिरकत की । मेरी सखिया ओर कवियत्री मीनाक्षी माथुर निरुपमा चतुर्वेदी उर्वशी चौधरी सभी ने अपनी  बेहतरीन रचनाये प्रस्तुत की । कार्यक्रम बहुत ही सफल ऒर सार्थक रहा