cकविताएं कभी कुछ नहीं कहती 
जिंदगी की किताब होती है कविता 
भी कविता कुछ नहीं कहती
 कभी समझ से परे होती है 
यूं ही बेतरतीब खयालों
सी बिखरी रहती
 है कविताएं कभी खामोश तो कुछ 
कविताएं कभी कुछ नहीं कहती
 जब जैसे ख्याल आया वैसे ही 
पन्नों पर उतरती है कभी पूरी जिंदगी
 होती है कविताएं कभी
उदास शब्दों में
तो कभी खयालों के
अरमानों को छूती हां 
मेरे साथ ख टूटती।बिखरते 
कभी उम्मीद बनकर 
अंधेरों में जुगनू की तरह गिरती है 
कविताएं जुगनू की तरह गिरती है कविताएं