नये युग का निर्माण करो।

दर्द को मत सहो
बाधाओं को पार करो
आगे बढ़ो।
तुफानो का रुख बदलो
आगे बढ़ो।।
कोई नाउम्मीदी तुम्हे
न रोक पाये।
खुला आसमां
तुम्हे मिल जाये
तुम अपनी परंपराएं
खुद बनाओ।
तुम गर्विता हो खुद को
 कमजोर न समझो
खुद को बढ़ो आगे।
तुम्हे रचना है एक नया 8तिहास
तुम दुर्गा हो
तुम लक्ष्मी हो।
निरंतर बढ़ो
neera jain