मै ठहर जाना चाहती हूँ।Kavita  Motivational

मै ठहर जाना चाहती हूँ।Kavita Motivational

मै ठहर जाना चाहती हूँ।    मै ठहर जाना चाहती हूँ। समय चलता रहता निरंतर तारीखे बदलती रहती हैं। घड़ी की सुइयों की तरह कुछ  भी रुकता नही। हर बार ख्वाब टूटते हैं  उम्मीदे टूटती हैं हौंसला रख हर बार संभलती हूँ। फिर टूट कर बिखरती हूँ मैं कही खो जाती हूँ इस भीड़ में, हर बार खुद...
बस ये ही हैं प्यार |Hindi Poem  प्यार हैं ख़ुशी कब मिल जाये

बस ये ही हैं प्यार |Hindi Poem प्यार हैं ख़ुशी कब मिल जाये

बस ये ही हैं प्यार            बस ये ही हैं प्यार  प्यार हैं ख़ुशी कब मिल जाये  प्यार हैं बरख कब बरस जाये  प्यार हैं ठंडक  मन को कब शीतल कर जाये  प्यार हैं भरोसा  कब पा लिया जाये  प्यार हैं गर्मी न जाने कब  रंगो में ऊष्मा भर जाये  प्यार हैं मुस्कान  न जाने कब होठो पर...
गोपालदास नीरज|कारवां गुज़र गया, गुबार देखते रहे

गोपालदास नीरज|कारवां गुज़र गया, गुबार देखते रहे

                                                                गोपालदास नीरज कारवां गुज़र गया, गुबार देखते रहे। गोपाल दास नीरज के निधन पर हार्दिक श्रद्धांजलि। गोपालदास नीरज (जन्म: 4 जनवरी 1925), हिन्दी साहित्यकार, शिक्षक एवं कवि सम्मेलनों के मंचों पर काव्य वाचक एवं...