पिता का है अभिमान  बेटी अनमोल है Hindi Poem

पिता का है अभिमान  बेटी अनमोल है Hindi Poem

पिता का है अभिमान  बेटी अनमोल है क्यों बेटी को कोख में ही मार दिया जाता क्या उसकी यही नियति है कि  वह एक लड़की है  वह डरी हुई सहमी सी है  हां अब उसे भी एहसास हो गया  कि वह सुरक्षित नहीं  मत मारो बेटी को कोख में  इनको भी है जीने का अधिकार नहीं है बेटे से कम  बेटी भी है...
नैतिक मूल्यों  के बिना सफलता के क्या मायने |Life Motivational सदाचार

नैतिक मूल्यों  के बिना सफलता के क्या मायने |Life Motivational सदाचार

नैतिक मूल्यों  के बिना सफलता के क्या मायने। बिना नैतिक मूल्यों बिना सदाचार के बगैर हम क्या सफल होने की कल्पना कर सकते हैं ? नहीं हम कही भी सफलता को प्राप्त नहीं कर सकते। हमारे नैतिक मूल्य हमारी सफलता के मार्ग में कही पर भी बाधा  नहीं पहुँचाते  हैं जीवन में सब लोग आगे...
मेरी यादो का गाँव | Hindi Kavita  Poem

मेरी यादो का गाँव | Hindi Kavita Poem

मेरी यादो का गाँव   मेरी यादो का गाँव कुछ  स्मृतिया, मानस पटल पर शेष है अभी वो बरगद का पेड़ जँहा झूलते थे हम वो खेत और खलिहान  जँहा खिलखिलाते थे हम, वो माँ के हाथों का स्वाद  नही मिला आज तक। शेष है स्मृतियों में। बहुत सादिया बीत गई  मानो यूं लगता, किसी पतंग की डोर...
हर पल | हाँ हर पल खुद से लड़ रही हूं।Hindi Poem motivational

हर पल | हाँ हर पल खुद से लड़ रही हूं।Hindi Poem motivational

हर पल हाँ हर पल खुद से लड़ रही हूं। खुद को अपने भीतर खोज रही हु हर तरफ दर्द और तन्हाइयाँ हैं कुछ जवाब सवालों के ढूंढ रही हूं तूफानो से हर पल लड़ रही हूँ मंज़िल की तरफ बढ़ रही हु रास्तो से गुजर रही हूँ । अब इतनी  तन्हा हु कि खुद से अंजान लग रही हूँ। हर पल खुद से लड़ रही...
बस ये ही हैं प्यार |Hindi Poem  प्यार हैं ख़ुशी कब मिल जाये

बस ये ही हैं प्यार |Hindi Poem प्यार हैं ख़ुशी कब मिल जाये

बस ये ही हैं प्यार            बस ये ही हैं प्यार  प्यार हैं ख़ुशी कब मिल जाये  प्यार हैं बरख कब बरस जाये  प्यार हैं ठंडक  मन को कब शीतल कर जाये  प्यार हैं भरोसा  कब पा लिया जाये  प्यार हैं गर्मी न जाने कब  रंगो में ऊष्मा भर जाये  प्यार हैं मुस्कान  न जाने कब होठो पर...