कोरोना से लड़कर उसे हराना है

सावधानी  ही बचाव है।

Stay Home

 कोरोना वायरस के आने से हमें बहुत सीख मिल रही है।जिंदगी के बारे में अध्यात्म के बारे में, मनुष्यता के बारे में
पहली।सीख  है कि मनुष्य प्रकृति के सामने कुछ नहीं कर सकता।जब प्रकृति का प्रकोप आता है तो मनुष्य  को।अपने  घुटने टेकने के लिए मजबूर कर देता है हमारे पास इतनी टेक्नोलॉजी है मिसाइल राकेट ओर सेटेलाइट है लेकिन एक छोटे से।विषाणु।ने।मानव जाति को हिला दिया है

दूसरी सीख है । समानवाद

यह जो विषाणु है वो ऊंच नीच के बारे में नहीं सोचता वह स्त्री पुरुष राजा रंक वह चीनियों।अमेरिकियो।
भारतीयों को।बीमार कर सकता है वह सभी जगह जाता है रक प्रकार का । समान वाद दिखता है विषाणु किसी को।खास
नहीं समझता है हम।ये।भी।नहीं कहा सकते कि इससे को बचेगा और। कोन।करेगा क्युकी ये इम्यूनिटी।
सिस्टम पर डिपेंड करता है
: हम।एकांत में रहने के आदि नहीं।है  लेकिन। कोरीना।ने हमें एकांत की।कीमत बताई।है। और यही।हमारी ता
कत है
  कोरोना ने हमारे जीने के अंदाज।को।बदल दिया हमारे नौकरी करने के अंदाज को बदल।दिया पूरी  दुनिया को।
बदल दिया हम।किसी।से नहीं।मिल।सकते सामाजिक।दूरी।बनाए रखना जरूरी है लोगों ने अपने। आपको एकांत में रख लिया।है।
 एक वायरस के आने से पूरा मार्केट बंद है।जब हम।घर से  निकलते नहीं है तो।पूरा मार्केट।कैसे चलेगा 
लेंट देन।पढ़ाई बंद है पूरा सिस्टम टूट गया है आज के। हालातो को देखते हुए।हम। यहीं के सकते है कि।युद्ध की स्थिति।बनी।हुई है
एक छोटे से दिखाई। न  देने वाले विषाणु ने।पूरी।आर्थिक।व्यस्था को।चौपट।कर दिया है
[: एक  विषाणु कि वजह से  बीते तीन सप्ताह में हमें आत्म ज्ञान
प्राप्त।हुआ है समाज में।क्या होता है। यह देखा वायरस के कारण।हमारा अध्यात्मिक।ज्ञान बढ़ा है
अह अगर हम ध्यान दे तो।बहुत कुछ प्रकृति और समाज।के बारे।में सोच।सकते।है
neera jain