जीना चाहती हु मैं | हिंदी कविता

जीना चाहती हु मैं | हिंदी कविता

जीना चाहती हु मेँ।    जीना चाहती हु मै  उमीदो को पंख लगाकर  मै उड़ना चाहती हु।  जीना चाहती हु मेँ।  लड़को की तरह बचपन को जीना चाहती हु।  पढ़ लिखकर सपनो को  पूरा करना चाहती हु।  मै जीना चाहती हूँ।  जीवन भर खुद की  पहचान ढूंढती हूँ।  क्या मेँ बस इस सवाल में  जीती हूँ। ...