शाम ढलते ही लो यादों की जल उठती है   |  Hindi  Kavita

शाम ढलते ही लो यादों की जल उठती है | Hindi Kavita

शाम ढलते ही लो यादों की जल उठती है Hindi Kavita  इस दिल में मन मरुस्थल में सुंदर छवि प्रियतम की मन में उतरती है  मोम सीपिघलती हूं  जज्बात मचलते हैं  तड़पन होती इतनी रात तड़पती हूं  आंखों के कोरों से न जाने कितने आंसू बहते हैं अक्सर मेरी रात आंखों में यूं ही कटती है...
cकविताएं कभी कुछ नहीं कहती \Hindi Poem

cकविताएं कभी कुछ नहीं कहती \Hindi Poem

  cकविताएं कभी कुछ नहीं कहती  जिंदगी की किताब होती है कविता  भी कविता कुछ नहीं कहती  कभी समझ से परे होती है  यूं ही बेतरतीब खयालों सी बिखरी रहती  है कविताएं कभी खामोश तो कुछ  कविताएं कभी कुछ नहीं कहती  जब जैसे ख्याल आया वैसे ही  पन्नों पर उतरती है कभी पूरी जिंदगी...
मेरी यादो का गाँव | Hindi Kavita  Poem

मेरी यादो का गाँव | Hindi Kavita Poem

मेरी यादो का गाँव   मेरी यादो का गाँव कुछ  स्मृतिया, मानस पटल पर शेष है अभी वो बरगद का पेड़ जँहा झूलते थे हम वो खेत और खलिहान  जँहा खिलखिलाते थे हम, वो माँ के हाथों का स्वाद  नही मिला आज तक। शेष है स्मृतियों में। बहुत सादिया बीत गई  मानो यूं लगता, किसी पतंग की डोर...
मुस्कान |खुशियाँ बिखेरती हूँ  सपने सजाती हूँ।Hindi Poem  motivational

मुस्कान |खुशियाँ बिखेरती हूँ  सपने सजाती हूँ।Hindi Poem motivational

मुस्कान    हाँ मुझे मिलता हैं तब सुकूँ जब किसी के दर्द भरे चेहरे पर मुस्कान लाती हूँ मैं । खुशियाँ बिखेरती हूँ  सपने सजाती हूँ। मुस्कान लाती हूँ मैं । neera jain...
बाल  दिवस पर हिंदी कविता   |  बचपन 

बाल  दिवस पर हिंदी कविता   | बचपन 

बाल  दिवस पर हिंदी कविता  बचपन   çबचपन होता मासूम  बेवरवाह  इठलाता  बचपन  हां याद आता  वो बचपन  शरारते  वो माँ की डाट  पिता का प्यार  कितनी।प्यारी दुनियां इनकी कितनी मृदु मुस्कान ईश्वर भी इनमें बस्ते शरारते इनकी मन को भाती सदा हँसते खिलखिलाते रूठते तो मन को...