रिश्तो को    टूटते बिखरते देखा हैं | Hindi Kavita  हिंदी कविता 

रिश्तो को    टूटते बिखरते देखा हैं | Hindi Kavita हिंदी कविता 

कहते है  बढ़ने के लिए    बदलना जरुरी हैं    मैंने हर दिन ज़माने को    रंग बदलते देखा हैं  वक्त के साथ जिंन्दगी    को रंग बदलते देखा हैं  स्वार्थ की खातिर रिश्तो को    टूटते बिखरते देखा हैं     पैसो की खातिर ईमान   बदलते देखा हैं   आगे बढ़ने की खातिर अपनों  को छलते  देखा...
रिश्ते हैं अनमोल | Hindi Kavita

रिश्ते हैं अनमोल | Hindi Kavita

    रिश्ते हैं अनमोल,इनमे हमेशा प्यार रहे। प्यार का इतना ही  हो मोल,की विश्वास रहे। रिश्तों में अगर रखो अकड़, तो टूट जातें हैं ये। झुक जाने से फलदार और रिश्तों के आँगन में बहार रहें। क़रीब भी इतना रहो कीं इसमें प्यार रहें। दूर इतना रहो की, आने का इंतज़ार रहे।। रिश्ते...