उदासियां|Hindi Poem

उदासियां  उदासियों की आदत होती है  बिन बुलाए आने की और  अनाधिकृत कब्जा जमाने की उदासियां घर कर लेती है मन के कोनों में खामोश रहकर इनके पैरों की आहट नहीं होती एक बार आने के बाद ही पैर पसार ती।है और फैल जाती है हर जगह बारिश की बूंदों में , संगीत की धुनों पर बिस्तर की...
हर पल | हाँ हर पल खुद से लड़ रही हूं।Hindi Poem motivational

हर पल | हाँ हर पल खुद से लड़ रही हूं।Hindi Poem motivational

हर पल हाँ हर पल खुद से लड़ रही हूं। खुद को अपने भीतर खोज रही हु हर तरफ दर्द और तन्हाइयाँ हैं कुछ जवाब सवालों के ढूंढ रही हूं तूफानो से हर पल लड़ रही हूँ मंज़िल की तरफ बढ़ रही हु रास्तो से गुजर रही हूँ । अब इतनी  तन्हा हु कि खुद से अंजान लग रही हूँ। हर पल खुद से लड़ रही...
समानांतर साहित्य उत्सव  | टैगोर के आँगन में मिली पहचान महिला लेखिकाओं की दस्तक समानांतर साहित्य उत्सव

समानांतर साहित्य उत्सव  | टैगोर के आँगन में मिली पहचान महिला लेखिकाओं की दस्तक समानांतर साहित्य उत्सव

समानांतर साहित्य उत्सव  टैगोर के आँगन में मिली पहचान महिला लेखिकाओं की दस्तक समानांतर साहित्य उत्सव में नागार्जुन मंच महिलाओ काव्य पाठ किया महिला  रचनाकार मीनाक्षी माथुर मुखर रेणु शर्मा ,कल्पना गोयल, सुनीता विश्नोलिया, कविता माथुर  ने अपनी बेहरारीन रचना प्रस्तुत की...
बस ये ही हैं प्यार  | Hindi Poem

बस ये ही हैं प्यार  | Hindi Poem

बस ये ही हैं प्यार   बस ये ही हैं प्यार   कब पा लिया जाये  प्यार हैं गर्मी न जाने कब  रंगो में ऊष्मा भर जाये  प्यार हैं मुस्कान  न जाने कब होठो पर खिल जाये।  प्यार हैं एक अहसाँस  न जाने मन को कब छू जाये  प्यार रंग हैं न जाने  जीवन  में कब बिखर जाये  धुप में भी छाव...