महिला  सशक्तिकरण |Women Empowerment poem

महिला  सशक्तिकरण |Women Empowerment poem

महिला  सशक्तिकरण   मैं अकेला ही चला था जानिब ए मंज़िल मगर लोग आते गये और कारवाँ बनता गया  किसी  शायर ने  क्या खूब लिखा है  महिलाओं का जो भी सुधार और सशक्तिकरण हुआ है वह विशेष रूप से उनके अपने स्वयं के प्रयासों और संघर्ष के कारण हुआ है  ऐसा ही महिलाओ के हित मे ...